shayari
Wednesday, January 20, 2010
रूठे रूठे से सनम
आज हमसे कुछ रूठे रूठे हैं सनम
उनकी आंखें भी हैं आज कुछ नम
हमारी तो दुआ यही रब से उन्हें रखे खुश
और उनके सारे दे दे हमें गम
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