Wednesday, January 20, 2010

उनकी हंसीं

हमने इतनी की बातें सिर्फ उनको हसाने के लिए
उनका हस्ता चहरा अपनी आँखों में बसने के लिए
जब वो मुस्कराए हम उन्हें देखते ही रह गए
शायद उनकी हंसीं थी सिर्फ हमें सताने के लिए

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