हँसाने चले थे किसी को
आज खुद की आँखों ने रो दिया
पाने चले थे किसी को
हमने तो खुद को ही खो दिया
Wednesday, January 11, 2012
Wednesday, January 4, 2012
कोई अरमान था दिल में
आज लगता है कुछ टूटके बिखर गया है
कोई अरमान था दिल में जो मर गया है
न तो उनकी बहुत पहले से थी
पर आज दिल ये मानके डर गया है
कोई अरमान था दिल में जो मर गया है
न तो उनकी बहुत पहले से थी
पर आज दिल ये मानके डर गया है
हर पल जीना एक सजा है
वो मेरे लिए ख़ुशी की वजह है
उसके साथ हर पल में एक मजा है
पर वो नहीं जानती की उसकी ना ने क्या किया है
अब तो हर पल जीना लगता एक सजा है
उसके साथ हर पल में एक मजा है
पर वो नहीं जानती की उसकी ना ने क्या किया है
अब तो हर पल जीना लगता एक सजा है
Wednesday, December 28, 2011
कौन जाना चाहता है किनारों पे
कौन जाना चाहता है किनारों पे
बैठके इन अन्छाही पतवारो पे
हमें तो मजा आता है इस समुंदर की
तेज डरावनी मझ्दारों पे
बैठके इन अन्छाही पतवारो पे
हमें तो मजा आता है इस समुंदर की
तेज डरावनी मझ्दारों पे
समाज एक मजबूरी
समाज के साथ जीना भी एक मजबूरी है
क्योंकि इसके बिना भी ज़िन्दगी भी अधूरी है
चाहते नहीं उनसे दूर रहना जरा भी
पर फिर भी रखनी पड़ती ये दूरी है
क्योंकि इसके बिना भी ज़िन्दगी भी अधूरी है
चाहते नहीं उनसे दूर रहना जरा भी
पर फिर भी रखनी पड़ती ये दूरी है
तेरा जाना सोच भी नहीं सकते
तेरे जाने के बारे में सोच कर भी दिल घबराता है
जाने हमें ये क्या बताता है
तू चली जाएगी इतनी सी बात से भी
ये दिल डर के मारे काँप जाता है
जाने हमें ये क्या बताता है
तू चली जाएगी इतनी सी बात से भी
ये दिल डर के मारे काँप जाता है
तेरा दर्द सिर्फ तेरा है
मान ले तू उसका कोई नहीं है
तेरी तन्हाई अभी सोई नहीं है
तेरे दर्द के लिए तेरे अलावा
कोई आँख रोई नहीं है
तेरी तन्हाई अभी सोई नहीं है
तेरे दर्द के लिए तेरे अलावा
कोई आँख रोई नहीं है
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