समाज के साथ जीना भी एक मजबूरी है
क्योंकि इसके बिना भी ज़िन्दगी भी अधूरी है
चाहते नहीं उनसे दूर रहना जरा भी
पर फिर भी रखनी पड़ती ये दूरी है
Wednesday, December 28, 2011
तेरा जाना सोच भी नहीं सकते
तेरे जाने के बारे में सोच कर भी दिल घबराता है
जाने हमें ये क्या बताता है
तू चली जाएगी इतनी सी बात से भी
ये दिल डर के मारे काँप जाता है
जाने हमें ये क्या बताता है
तू चली जाएगी इतनी सी बात से भी
ये दिल डर के मारे काँप जाता है
तेरा दर्द सिर्फ तेरा है
मान ले तू उसका कोई नहीं है
तेरी तन्हाई अभी सोई नहीं है
तेरे दर्द के लिए तेरे अलावा
कोई आँख रोई नहीं है
तेरी तन्हाई अभी सोई नहीं है
तेरे दर्द के लिए तेरे अलावा
कोई आँख रोई नहीं है
उनके दीदार को तडपते हैं
वो करते ही नहीं हमसे प्यार
है नहीं उन्हें हमारा ऐतबार
पर हम खो चुके हैं दिल अपना
तडपते हैं जब होता नहीं उनका दीदार
है नहीं उन्हें हमारा ऐतबार
पर हम खो चुके हैं दिल अपना
तडपते हैं जब होता नहीं उनका दीदार
खुली आँखों से सो रहे हैं
आज कल खुली आँखों से सो रहे हैं
जाने हम किसके लिए रो रहे हैं
जब वो हमें चाहते ही नहीं
फिर क्यूँ लगता है हम कुछ खो रहे हैं
जाने हम किसके लिए रो रहे हैं
जब वो हमें चाहते ही नहीं
फिर क्यूँ लगता है हम कुछ खो रहे हैं
Tuesday, December 27, 2011
मुमकिन नहीं भुला पाना
अब मुमकिन नहीं तुझे भुला पाना
तेरे बिना एक पल भी बिता पाना
अब पता नहीं क्या करूँगा ज़िनदगी में
क्योंकि मुझे नहीं आता खुद को इस प्यार से छूटा पाना
तेरे बिना एक पल भी बिता पाना
अब पता नहीं क्या करूँगा ज़िनदगी में
क्योंकि मुझे नहीं आता खुद को इस प्यार से छूटा पाना
उसकी जुदाई
मुझे तडपता छोड़ दिया उसने
मुझे अंदर तक तोड़ दिया उसने
पर वो एक दिन जानेगी उसने क्या खोया है
भले ही आज रास्ता मोड़ दिया उसने
मुझे अंदर तक तोड़ दिया उसने
पर वो एक दिन जानेगी उसने क्या खोया है
भले ही आज रास्ता मोड़ दिया उसने
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