shayari
Thursday, February 11, 2010
उनकी पहल का इंतज़ार
हम तो उनकी पहल का इंतज़ार करते रहे
उनका बस सपनो में दीदार करते रहे
वो आये ही नहीं कभी हमारे करीब
हम इंतज़ार के इस समुन्दर को आंसुओं से भरते रहे
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