Monday, April 9, 2012

ख़ुशी का अहसास नहीं होता

पास होके भी वो पास नहीं होता
साथ होके भी वो साथ नहीं होता
इस रिश्ते को मैं क्या नाम दूँ
जिसमे ख़ुशी होके भी उसका अहसास नहीं होता

Wednesday, January 11, 2012

खुद को ही खो दिया

हँसाने चले थे किसी को
आज खुद की आँखों ने रो दिया
पाने चले थे किसी को
हमने तो खुद को ही खो दिया

Wednesday, January 4, 2012

कोई अरमान था दिल में

आज लगता है कुछ टूटके बिखर गया है
कोई अरमान था दिल में जो मर गया है
न तो उनकी बहुत पहले से थी
पर आज दिल ये मानके डर गया है

हर पल जीना एक सजा है

वो मेरे लिए ख़ुशी की वजह है
उसके साथ हर पल में एक मजा है
पर वो नहीं जानती की उसकी ना ने क्या किया है
अब तो हर पल जीना लगता एक सजा है

Wednesday, December 28, 2011

कौन जाना चाहता है किनारों पे

कौन जाना चाहता है किनारों पे
बैठके इन अन्छाही पतवारो पे
हमें तो मजा आता है इस समुंदर की
तेज डरावनी मझ्दारों पे

समाज एक मजबूरी

समाज के साथ जीना भी एक मजबूरी है
क्योंकि इसके बिना भी ज़िन्दगी भी अधूरी है
चाहते नहीं उनसे दूर रहना जरा भी
पर फिर भी रखनी पड़ती ये दूरी है

तेरा जाना सोच भी नहीं सकते

तेरे जाने के बारे में सोच कर भी दिल घबराता है
जाने हमें ये क्या बताता है
तू चली जाएगी इतनी सी बात से भी
ये दिल डर के मारे काँप जाता है